Thursday, 20 December 2012

सार रूप में ....


सारांश के इस पृष्ट ...
पर सार रूप में ....-
1-प्रिय लेखकों की पुस्तकों पर चर्चा
2-प्रिय कवियों की कविताओं पर चर्चा
3-वर्तमान परिस्थितियों पर सारगर्भित टिपण्णी 
इत्यादि ..इत्यादि /
 
 किशोर कुमार खोरेन्द्र 

शुभारंभ में
स्वागत के तौर पर
मेरे घर के आँगन में निर्मित शिव मंदिर में प्रज्वलित दीपक की लौ
के भीतर बने शिव लिंग का चित्र प्रस्तुत हैं 


                                                                   ॐ नमह शिवाय


2 comments:

  1. सुन्दर और भव्य शुरुआत!...शुभकामनाएं!

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